माँ हिंदी की लाज – Maa Hindi Ki laaj

माँ हिंदी की लाज -maa hindi ki laaj

माँ हिंदी की लाज -Maa Hindi Ki laaj हिंदी दिवस मना रहे छेड़कर लंबी तान मैं मूरख समझा किया माँ का यह अपमान बीती रात तमसभरी दिन आया घनघोर निजगौरव

तुझसे बिछुड़ क्यों आया – हिंदी भजन

नीलकंठ कैलाशपति

तुझसे बिछुड़ क्यों आया – हिंदी भजन- नीलकंठ कैलाशपति तुझसे बिछुड़ क्यों आया नीलकंठ कैलाशपतिहे दीनों के नाथ !शीश विराजे चंद्रमावामांगे सजती मातनन्दीश्वर कृपा करोमेरी बिगड़ी तुमरे हाथ नन्दीश्वर कृपा

आ अब लौट चलें | हिंदी प्रेम गीत

आ अब लौट चलें हिंदी प्रेमगीत

आ अब लौट चलें – हिंदी प्रेम गीत आ अब लौट चलें संगणक-सी दिन गिनती जाऊंगिन-गिन लागे ढेरस्मृति-पेटिका रिक्त है फिर भीदेखो तो इक बेर बन अभियन्ता आन पधारोदरीचे करते

अभी सवेरा दूर बहुत – हिंदी कविता , hindi kavita

अभी सवेरा दूर बहुत है-हिंदी कविता

अभी सवेरा दूर बहुत – हिंदी कविता– Hindi कविता अभी सवेरा दूर बहुत– हिंदी कविता ठंड से ठिठुरते पलों में जबकोई कहे मुबारक हो नया सालदीवार में चिने गये सिंहशावकों

मिट्टी की मूरतें -हिंदी गीत – Hindi Geet

मिट्टी की मूरतें -हिंदी गीत - Hindi Geet

मिट्टी की मूरतें -हिंदी गीत समय बहुत अनमोल हैन यों ही गंवाया करेंतुम रूठ जाया करो प्रियेऔर हम मनाया करें स्वजनों के बीच बैठकरवो कहनी कहानियांचतुष्पथ पर भी कभीगल्पखग उड़ाया

प्रियवर खोए हो कहां – हिंदी गीत,Hindi geet

प्रियवर खोए हो कहां - प्रियवर खोए हो कहां - हिंदी गीत Hindi geet

प्रियवर खोए हो कहां – हिंदी गीत,Hindi geet प्रियवर खोए हो कहां चाँद सितारों वाली रातमेरे तरुवर पारिजातप्रेमामृत से हृदय भरासूना बांहों का आकाश ठगती स्मृतिअवलियांप्रियवर खोए हो कहांप्रियवर खोए