Living और Non-living क्या है |Living and Non-living

Living और Non-living क्या है |Dfrence between Living and Non- living Hindi me,Biology

आज हम आपके लिए लाए हैं सजीव और निर्जीव ( Living and Non-living) क्या है इसमें कौन-कौन सा अंतर होता है,Biology शब्द कैसे बना,वनस्पति विज्ञान kya hai यह आप अपने विद्यार्थी जीवन में पढ़े ही होंगे आज इसी विषय पर हम आप सभी को बताने वाले हैं. सजीव और निर्जीव( Living and Non-living) यह विषय जीव विज्ञान के अंतर्गत आता है इसीलिए हमें जीव विज्ञान (Biology) के बारे में भी जाना चाहिए तो चलिए जानते हैं ।

 Living-और-Non-living-क्या-है
सजीव और निर्जीव ( Living and Non-living)

जीव विज्ञान क्या है | Introduction of Biology

Biology, विज्ञान की वह शाखा है जिसमें जीवधारियों के बारे में अध्ययन किया जाता है। यानी जिसमें जीव जंतुओं के बारे में अध्ययन किया जाने वाला विषय Biology कहलाता है।

Biology शब्द कैसे बना

Biology (जीव विज्ञान)अंग्रेजी के दो शब्दों से मिलकर बना है Bios-life और Logos-Study. जिसे हम ‘जीवन अध्ययन’ भी कह सकते है।

जीव विज्ञान(Biology) के जनक कौन है ?

‘अरस्तु’ को जीव विज्ञान का जनक माना जाता है इन्होंने इसे विज्ञान के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी।

जीव विज्ञान के प्रकार

सजीवों के आधार पर जीव विज्ञान के दो प्रमुख प्रकार यानी शाखाएं हैं
▪️ वनस्पति विज्ञान (Botany)
▪️जंतु विज्ञान (Zoology)

वनस्पति विज्ञान (Botany) के जनक कौन है?

वनस्पति विज्ञान (Botany) के जनक ‘थियोफ्रेस्ट्स’ को माना जाता है ।

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सजीव और निर्जीव Living and Non-living

जब आप अपने चारों ओर वातावरण में अनेक प्रकार की वस्तुओं को देखते होंगे उनमें से कुछ वस्तुएं सजीव होती हैं और कुछ निर्जीव होती है जैसे कुत्ता बिल्ली बैल गाय पेड़ पौधा मिट्टी पहाड़ पानी फुल खनिज इत्यादि। यह सब वस्तुएं मिलकर पारिस्थितिकी तंत्र बनाती है इसके दो प्रकार होते हैं
▪️ सजीव पदार्थ (living thing)
▪️ निर्जीव पदार्थ (Non-living things)

सजीव पदार्थ (living thing)

सजीव पदार्थ (living thing) :-

▪️इसमें एक निश्चित जीवन तत्काल होता है और उसके बाद मृत्यु हो जाती है।
▪️ सजीव पदार्थों में गति पाई जाती है जो एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा सकते हैं।
▪️ सजीव पदार्थों मैं स्वसन क्रिया पाई जाती है।
▪️ सजीव पदार्थ अपने चारों और वातावरण में होने वाले बदलाव को महसूस कर सकते हैं।
▪️ सजीव जीवन चक्र को विभिन्न चरणों से पूरा करते हैं।
▪️सजीव पदार्थों में सबसे महत्वपूर्ण प्रजनन क्षमता होती है जिसमें वह संतानों की उत्पत्ति करते हैं।
▪️सजीव पदार्थ अपने पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।

निर्जीव पदार्थ (Non-living things)

निर्जीव पदार्थ (Non-living things:
▪️ निर्जीव पदार्थ (Non-living things में जीवन नहीं होता है।
▪️ निर्जीव में कोई गति नहीं होती है।
▪️ निर्जीव पदार्थ प्रजनन नहीं कर सकते हैं।
▪️ निर्जीव पदार्थों में जन्म वृद्धि प्रजनन और मृत्यु आदि क्रियाएं नहीं होती हैं।
▪️ निर्जीव पदार्थ बाहरी बल द्वारा नष्ट होती हैं ।
▪️ निर्जीव पदार्थ स्वसन क्रिया नहीं कर सकते हैं।

सजीव एवं निर्जीव पदार्थों में अंतर | Difference between Living and Non living

सजीव एवं निर्जीव पदार्थों में बहुत अंतर है जो आप इस टेबल के माध्यम से देख सकते हैं :

सजीव पदार्थ(Living things)निर्जीव पदार्थ(Non-living things)
  
इनमें जीवन के विभिन्न चरण पाए जाते हैं।इनमें जीवन का कोई भी चरण नहीं पाया
 जाता है।
यह वृद्धि करते हैं और अपने समान संतानों 
की उत्पत्ति करते हैं।इनमें प्रजनन नहीं पाया जाता है।
  
ये जीवित रहने के लिये वायु, जल औरनिर्जीव में वायु, जल और भोजन की
भोजन पर निर्भर रहते हैं।आवश्यकता नहीं होती है।
  
ये उत्तेजना  के प्रति संवदेनशीलये किसी भी प्रकार की उत्तेजना को महसूस
क्रियाएँ करते हैं।नहीं करते हैं।
  
इनमें चयापचय क्रियाएँ पाई जाती हैं।इनमें किसी भी प्रकार की चपापचय क्रियाएँ
इनमें वृद्धि व विकास होता है।नहीं पाई जाती हैं।
  
सजीव पदार्थ एक स्थान से दूसरे स्थान परइनमें वृद्धि व विकास देखने को नहीं मिलता
गति करते हैं।है।
  
इनकी कोशिकाओं में श्वसन व गैसों कानिर्जीव पदार्थ में किसी भी प्रकार को कोई
संचरण होता है।‘गति देखने को नहीं मिलती है।
  
उदाहरण- मानव, पशु, पौधों व कीट आदि। इनमें श्वसन देखने को नहीं मिलता।
 उदाहरण- पहाड़, पेन, पुस्तक, आदि।
Table of Difference between Living and Non living

तो दोस्तों यह थी Living and Non-living, सजीव और निर्जीव में अंतर यह टॉपिक आपको कैसी लगी। आप हमें कमेंट कर जरूर बताएं हमें आपकी प्रतीक्षा रहेगी, और अगर यह टॉपिक आपको अच्छा लग रहा है तो इसे अपने मित्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करें। इससे हमें मनोबल मिलता है और हम आपके लिए अच्छे से अच्छे टॉपिक पर लिखने का प्रयास करते हैं।

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