विश्व रक्तदाता दिवस – World Blood Donor Day

विश्व रक्तदाता दिवस (World Blood Donor Day) विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा घोषित किया गया था या वर्ष के जून माह के 14 तारीख को मनाया जाता है वर्ष 2004 में स्थापित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित रक्त उत्पादों की व्यवस्था के बारे में जागरूकता करना और रक्त दाताओं को सुरक्षित जीवन रक्षक रक्तदान के लिए प्रोत्साहन करने हेतु किया गया था। तब से लेकर आज तक 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता रहा है।

World Blood Donor Day
विश्व रक्तदान दिवस-World Blood Donor Day

आइए जानते हैं रक्तदान के बारे में कुछ अनोखे तथ्य

विश्व रक्तदान दिवस कब मनाया जाता है

विश्व रक्तदाता दिवस (World Blood Donor Day)प्रत्येक वर्ष के जून महीने में मनाया जाता है इसकी स्थापना विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा सन 2004 ईस्वी में हुई थी।

रक्तदान(Blood Donate) कब से शुरू हुआ?

रक्तदान कब शुरू हुआ यह हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसा माना जाता है कि दुनिया का पहला रक्त ट्रांसफर सन 1665 ईस्वी में इंग्लैंड के फिजीशियन रिचर्ड लोवर ने किया था। फिजीशियन रिचर्ड लोगों ने दूसरे कुत्ते के रक्त को एक कुत्ते में ट्रांसफर करके उसकी जान बचाई थी।

मनुष्य के रक्त में मिलने वाले आरएच फैक्टर की खोज किसने की ?

मनुष्य के रक्त में मिलने वाले एक बहुत ही महत्वपूर्ण आरएच फैक्टर की खोज 1900 से 1901 के दौरान कार्ल लैंडस्टीनर ने की । कार्ल लैंडस्टीनर का जन्म 14 जून 1868 को ऑस्ट्रिया के शहर बयाना में हुआ था कार्ल लैंडस्टीनर ने पता लगाया कि एक मनुष्य का खून बिना जांच किए हुए दूसरे मनुष्य में नहीं चढ़ाया जा सकता है क्योंकि सभी मनुष्यों की ब्लड समूह अलग-अलग होते हैं कार्ल लैंडस्टीनर का तर्क था कि दो व्यक्तियों के अलग-अलग ब्लड समूह संपर्क में आने से रक्त के अणुओं का प्रभाव विपरीत पड़ता है।

स्वैच्छिक रक्तदान क्या है

जब कोई मनुष्य अपनी इच्छा अनुसार बिना किसी लोग लालच या हम यह कहें कि बिना कुछ आर्थिक लाभ के अपने रक्त ( Blood Donate) देता है तो उसे स्वैच्छिक रक्तदान कहते हैं।

रक्त समूहों (Blood groups) की किसने खोज की ?

रक्त समूह (Blood groups) की खोज सन 1900-1901ई. में कार्ल लैंडस्टीनर ने की । उन्होंने यह पता लगाया कि अलग-अलग मनुष्यों में अलग-अलग रक्त के समूह होते हैं ।

Blood Donate कौन कर सकता है?

रक्तदान (Blood Donate) हर वह स्वस्थ व्यक्ति कर सकता है जिसकी उम्र 18 वर्ष से 65 वर्ष तक हो और रक्तदाता का हीमोग्लोबिन 12 पॉइंट 5 एवं वजन 45 किलोग्राम से कम नहीं होना चाहिए तभी वह व्यक्ति अपना रक्तदान (Blood Donate)कर सकता है।

14 जून को कौन सा दिवस मनाया जाता है

14 जून को रक्तदाता दिवस मनाया जाता है विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर साल 14 जून को रक्तदान दिवस के रूप में मनाया जाता है वर्ष 1997 ईस्वी में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वैच्छिक रक्तदान की नीव रखी। विश्व के 80% रक्तदाता (Blood Doner) अपना रक्त बिना किसी लोभ लालच के देते हैं जिसमें भारत भी शामिल है।

1 यूनिट Blood कितना होता है?


1 यूनिट ब्लड में 450ml खून होता है जिससे कि कम से कम 3 लोगों की जिंदगी बच सकती बड़े-बड़े शहरों में ब्लड जरूरत से ज्यादा प्रतिशत में उपलब्ध होता है जबकि बिहार झारखंड एवं अन्य पिछड़े राज्यों में 85% खून की कमी देखी जाती है परंतु आज के समय में युवाओं में एक अलग झलक देखने को मिलता है वह हमेशा रक्तदान करने को आगे आते हैं तो हम ऐसा कर सकते हैं कि आज के समय में पिछले से पिछड़े राज्य भी धीरे धीरे अपना प्रतिशत बढ़ा रहे और लोगों की सेवा बिना किसी आर्थिक के कर रहे हैं।

एक व्यक्ति एक बार में कितना Blood Donation कर सकता है?

आपको हम बताना चाहते हैं कि एक बार में एक शरीर से 571 एमएम से ज्यादा वक्त नहीं लिया जा सकता है एक स्वस्थ व्यक्ति जो पुरुष है वह 3 महीने में एक बार रक्तदान कर सकते हैं और महिलाएं 4 महीनों में एक बार रक्तदान (Blood Donation)कर सकती है

ब्लड के कितने ग्रुप होते हैं?

ब्लड के मुख्य रूप से चार ग्रुप होते हैं A, B,AB, ओर O यह चार प्रकार के ब्लड मनुष्य के शरीर में पाए जाते हैं इन्हीं में से नेगेटिव और पॉजिटिव ब्लड ग्रुप बांटा गया है जैसे A+ , A- , B+ ,B- ,AB+ ,AB- ,O+ ,O- ।

विश्व रक्तदान दिवस 2021 कब है


विश्व रक्तदाता दिवस यानी विश्व रक्तदान दिवस प्रत्येक वर्ष 14 जून को मनाया जाता है इसलिए विश्व रक्तदान दिवस 2021 में भी 14 जून को मनाया जाएगा।

रक्तदान के फायदे – Benefits of Blood Donation

Benefits of Blood Donation – रक्तदान जो मनुष्य करता है उसे हार्ट अटैक आने की आशंका कम होती है हमारे डॉक्टर्स का मानना है कि रक्तदान करने से खून पतला हो जाता है जो कि हृदय के लिए काफी लाभदायक होता है एक रिसर्च से अभी पता चला है कि अगर कोई मनुष्य नियमित रूप से ब्लड डोनेशन करते रहता है तो कैंसर व दूसरी बीमारियों का उसे खतरा कम होता है क्योंकि शरीर में जो भी विषैले पदार्थ होते हैं वह बाहर निकलता है ब्लड डोनेशन करने के बाद बोन मैरो नए रेड सेल्स बनाता है जिससे शरीर में तंदुरुस्ती आती है रक्तदान एक सुरक्षित व स्वस्थ विधि है जितना शरीर का खून रक्तदान करने के समय लिया जाता है वह केवल 21 दिनों में मनुष्य का शरीर दोबारा से उतना खून बना लेता है ब्लड का जो वॉल्यूम होता है वह 24 घंटे से 72 घंटे के बीच में शरीर बना लेता है।

रक्तदान (Blood Donate)क्यों जरूरी है


भारत जैसे देश में जितनी आबादी बढ़ रही है उतना ही हमारे देश में लोग बीमारियों से ग्रसित होने लगे हैं अतः हम कह सकते हैं कि लोगों की बीमारियों को बचाने के लिए भी एक मनुष्य दूसरे मनुष्य को ब्लड डोनेट कर उसकी जान बचा सकता है।
हम सभी जानते हैं कि ब्लड यानी खून का उत्पादन नहीं किया जा सकता इसका कोई और विकल्प नहीं है इसीलिए भी Blood Donation अति आवश्यक है।
भारत देश में लगभग 4 करोड़ यूनिट ब्लड की आवश्यकता प्रत्येक वर्ष पड़ती है जबकि लगभग 5 लाख यूनिट ब्लड है अरेंज हो पाता है।
रक्तदान इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि भारत के आंकड़ों के हिसाब से 25% से अधिक लोगों को उसके जीवन काल में खून की आवश्यकता पड़ती है इसलिए भी हमें रक्तदान (Blood Donate)करने की आवश्यकता पड़ती है।

रक्तदान (Blood Donate) के इन तथ्यों को भी आपको जानना चाहिए

रक्त देने से पहले हम सभी को एक छोटा सा ब्लड टेस्ट होता है जिसे हम हीमोग्लोबिन टेस्ट कहते हैं साथ ही साथ ब्लड प्रेशर वह भजन नापा जाता है और ब्लड डोनेट करने से पहले हेपेटाइटिस बी एचआईवी व मलेरिया आदि की जांच की जाती है इन बीमारियों के लक्षण पाए जाने पर डोनर ब्लड ना देकर उसे तुरंत सूचित किया जाता है ताकि उसे संक्रमण का खतरा ना हो।

देश में ब्लड की कमी का एकमात्र कारण है जागरूकता का अभाव अगर भारत में स्वस्थ व्यक्ति मात्र 3% भी खून दे तो हमारे देश में कभी भी ब्लड की कमी नहीं होगी और इससे हम असमय होने वाले मृत्यु को रोक सकते हैं तो आइए आज हम प्रण लेते हैं कि ब्लड डोनेशन स्वयं करेंगे और लोगों को इसके लिए जागरूकता कर उन्हें आगे लाएंगे ताकि हमारे भारतवर्ष में असमय मृत्यु दर कम हो।

दिल (heart) के बारे में 10 रोचक बातें

तो दोस्तों विश्व रक्तदाता दिवस यानी विश्व रक्तदान दिवस के बारे में मैंने आपको मेरे हिसाब से जानकारी दी है अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगे तो अपने मित्रों के साथ एवं अपने परिवार जनों के साथ साझा करें साथ ही साथ इसे अपने फेसबुक व्हाट्सएप एवं अन्य माध्यमों से साझा करें और अगर आपके पास कोई सुझाव हो तो हमें अवश्य दें धन्यवाद।

लेखक – सुधीर कुमार, चतरा, झारखंड

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